आँसूं तब नहीं आते जब आप किसी को खो देते हो,
आँसूं तब आते है जब खुद को खोकर भी किसी को पा नहीं सकते...!!
मेरी आशिकी भी थोड़ी अलग सी है,
वो स्टेशन पर बैठी थी सर्द रात में, 
मैने घर में रजाई ओढ़ना भी सही नहीं समझा...!!
थोड़ी सी तो मेहरबान हो जा मुझ पर ऐ खुशी,
थक गया हूँ हँसी की आड़ में गम छुपाते छुपाते...!!
लोगों ने रोज़ ही नया कुछ माँगा खुदा से,
एक हम ही हैं जो तेरे ख्याल से आगे न गये...!!
तमन्ना बस इतनी है अफ़सोस हो तुम्हें,
छोड़ा है तुम ने बहुत आसानी से मुझे...!!

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