कैसे कह दूँ, मेरा प्यार वेस्ट हो गया,
  जब जब अपना दर्द लिखा कॉपी-पेस्ट हो गया...!!
  वो मुझे ज़िन्दा देख कर बोली,
  कि तुझे बददुआ नही लगती है क्या...!!
  धोखा देती है शरीफ चेहरों की चमक अक्सर,
  हर कांच का टूकड़ा हीरा नहीं होता..!!
  हम अल्फ़ाज़ों के इंतज़ार में थे,
  उन्होंने खामोशी से वार कर दिया...!!
  चेहरे पर सुकून तो बस दिखाने भर का है,
  वरना बेचैन तो दिल जमाने भर का है...!!

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