मुझको पढ़ना हो तो मेरी शायरी पढ़ लो,

लफ्ज बेमिसाल न सही, जज्बात लाजवाब होंगे…!!

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ना बम से है, ना बुलेट के फायर से है,

देश को खतरा है तो सिर्फ वॉट्सप्प वाले शायर से है…!!

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ज़रुरत है मुझे कुछ नए नफरत करने वालों की,

पुराने वाले तो अब चाहने लगे हैं मुझे…!!

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दिल को डेटॉल में भिगो के रखिये,

ये इश्क बड़ी संक्रामक बीमारी है…!!

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फुर्सत नहीं उन्हें हमसे कुछ बातें करने की,

इसलिए अब हम हर वक़्त खामोश रहते हैं..!!

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खामोशियाँ ही बेहतर है जिंदगी के सफर में ,

शब्दों की मार ने कई घर तबाह किये हैं …!!

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दूरियाँ जब बढ़ी तो,

ग़लतफ़हमियों भी बढ़ गईं…!!

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